वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में श्रिनी श्रीवास्तव का चयन
उत्तर प्रदेश की इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर श्रिनी श्रीवास्तव ने वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के संचालन दल में शामिल होने का गौरव प्राप्त किया है। 2017 में भारतीय रेलवे से जुड़ने वाली श्रिनी, जो पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित हो चुकी हैं, अब इस नई रात की सेवा के लिए जिम्मेदार होंगी।
उत्तर प्रदेश के घाजियापुर जिले से ताल्लुक रखने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर श्रिनी श्रीवास्तव ने वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस (Varanasi-New Delhi Vande Bharat Sleeper Express) के संचालन दल में शामिल होने का गौरव प्राप्त किया है। यह चयन भारतीय रेलवे में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। श्रिनी इस नई सेवा के लिए नियुक्त सहायक लोको पायलट (Assistant Loco Pilot)ों में शामिल हैं, जबकि ज्योति कुमारी को गार्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
श्रिनी श्रीवास्तव का यह चयन उस समय सामने आया है जब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ने अपनी यात्रा शुरू की। 31 अक्टूबर 2026 को वाराणसी से इस ट्रेन का शुभारंभ किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस 13 सदस्यीय संचालन दल में सात महिलाएं शामिल हैं, जो भारतीय रेलवे के इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
श्रिनी श्रीवास्तव का परिचय और करियर की शुरुआत
श्रिनी श्रीवास्तव घाजियापुर जिले की निवासी हैं। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद अप्रैल 2017 में भारतीय रेलवे से जुड़ी थीं। उनकी नियुक्ति सहायक लोको पायलट के रूप में हुई, जो एक तकनीकी भूमिका है जिसमें ट्रेन संचालन में सहायता करना और मुख्य लोको पायलट के साथ काम करना शामिल होता है। शुरुआत में उन्हें वाराणसी रेलवे डिवीजन में तैनात किया गया था, जहां से उनकी वंदे भारत सेवाओं से जुड़ाव की शुरुआत हुई।
पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दी गई है कि श्रिनी तीन बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता पंकज श्रीवास्तव सार्वजनिक कार्य विभाग (PWD) से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि उनकी माया श्रीवास्तव गृहिणी हैं। इंजीनियरिंग की शिक्षा पूरी करने के बाद रेलवे में शामिल होने का निर्णय लेने वाली श्रिनी ने अपनी तकनीकी योग्यता का उपयोग ट्रेन संचालन के क्षेत्र में किया है।
2024 में हुई उपलब्धि और प्रधानमंत्री से आमंत्रण
श्रिनी श्रीवास्तव का नाम 2024 में तब चर्चा का विषय बना जब उन्होंने वाराणसी-दिल्ली मार्ग पर वंदे भारत एक्सप्रेस को संचालित किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे उत्तर पूर्वी रेलवे ज़ोन की पहली महिला सहायक लोको पायलट थीं जिन्होंने अर्ध-उच्च गति वाली इस ट्रेन को चलाया। इस उपलब्धि ने न केवल रेलवे नेटवर्क के भीतर बल्कि उसके बाहर भी उन्हें पहचान दिलाई।
इसी योगदान को देखते हुए, जून 2024 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया था। यह आमंत्रण वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन में उनके विशेष योगदान के लिए दिया गया था। उस समय तक, उन्होंने भारतीय रेलवे के साथ लगभग सात साल का अनुभव हासिल कर लिया था।
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस: नई सुविधाएं और समय सारिणी
अक्टूबर 2026 में श्रिनी श्रीवास्तव का चयन वंदे भारत की स्लीपर संस्करण के लिए हुआ, जो रात भर की यात्राओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह ट्रेन चेयरकार (सीटिंग) सेवाओं से भिन्न है और इसमें यात्रियों के लिए सोने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
यह नई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी और नई दिल्ली के बीच रात भर की कनेक्टिविटी प्रदान करती है। ट्रेन का समय सारिणी इस प्रकार है:
- वाराणसी से सुबह 6:10 बजे तक पहुंचने के लिए, यह शाम 8:50 बजे वाराणसी से रवाना होती है।
- वापसी यात्रा में, यह रात 9:40 बजे नई दिल्ली से निकलती है और अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचती है।
इस मार्ग पर ट्रेन चार स्टेशनों से गुजरती है। स्लीपर संस्करण लंबी दूरी की यात्राओं के लिए बनाया गया है, जिसमें सुधार यात्री सुविधाएं और उन्नत सुरक्षा विशेषताएं शामिल हैं। इसमें रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग (regenerative braking) प्रणाली भी है, जो एक ऊर्जा-कुशल तकनीक है जो ट्रेन के धीमे होने या ब्रेक लगाने के दौरान ऊर्जा को पुनः प्राप्त करती है।
सहायक लोको पायलट की भूमिका
सहायक लोको पायलट की भूमिका मुख्य लोको पायलट के साथ मिलकर ट्रेन संचालन में सहायता करना होती है। इसमें ट्रेन संचालन का समर्थन करना, परिचालन प्रक्रियाओं का पालन करना और ट्रेनों की सुरक्षित गति को सुनिश्चित करने में मदद करना शामिल है। लोको पायलट की जिम्मेदारियों में रेलवे शेड्यूल के अनुसार काम करना और विभिन्न मार्गों पर ट्रेन संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों को संभालना शामिल होता है।
श्रिनी श्रीवास्तव का यह नवीनतम चयन वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के संचालन दल में उनकी भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है, जो 31 अक्टूबर 2026 से वाराणसी से अपनी सेवा शुरू कर चुकी है। यह नई रात की सेवा उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी के बीच यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित होगी।
F.Mahajan--BD